उत्तराखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उधम सिंह नगर जिले में एक किसान की कथित आत्महत्या के मामले में दर्ज एफआईआर में नामजद 26 लोगों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है और राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की अवकाशकालीन पीठ ने दिया और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 15 अप्रैल तय की।
पैगा गांव (उधम सिंह नगर) के निवासी सुखवंत सिंह ने 11 जनवरी की तड़के नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित एक होटल के कमरे में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर यह आरोप लगाया था कि एक ज़मीन के सौदे में उनके साथ लगभग ₹4 करोड़ की धोखाधड़ी की गई है और पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय आरोपियों का पक्ष लिया।
इस घटना के बाद मृतक के भाई, परविंदर सिंह ने 26 लोगों (जिनमें छह महिलाएं भी शामिल हैं) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
एफआईआर में नामजद आरोपियों में से एक कुलविंदर सिंह और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी पर रोक लगाने और एफआईआर रद्द करने की मांग की। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और मृतक से उनका कोई विवाद भी नहीं था।
याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति नैथानी ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
कोर्ट का यह अंतरिम आदेश उन 26 नामजद आरोपियों के लिए बड़ी राहत है, जिन पर किसान की आत्महत्या के मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में अगली सुनवाई अब 15 अप्रैल को होगी, जब राज्य सरकार का पक्ष सामने आएगा।

