सुप्रीम कोर्ट ने बाल तस्करी (Child Trafficking) और व्यावसायिक यौन शोषण के एक मामले में आरोपी की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि नाबालिग पीड़िता की गवाही विश्वसनीय है, तो सजा सुनाने के लिए किसी अन्य पुष्टि (Corroboration) की आवश्यकता नहीं है। के.पी. किरणकुमार @ किरण बनाम स्टेट बाय पीन्या
