सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के मामले में केरल हाईकोर्ट ने पूर्व देवस्वोम बोर्ड अध्यक्ष समेत तीन को जमानत देने से किया इनकार

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर से सोना गायब होने से जुड़े मामलों में पूर्व त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) अध्यक्ष एन वासु और बोर्ड के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को जमानत देने से इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने पूर्व थिरुवाभरणम कमिश्नर के.एस. बैजू और पूर्व देवस्वोम बोर्ड प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरली बाबू द्वारा दायर जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं। कोर्ट के विस्तृत आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

यह मामला सबरीमाला मंदिर परिसर में स्थित द्वारपालक (रक्षक देवता) की स्वर्ण-मढ़ित प्लेटों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के द्वार-फ्रेम से सोना गायब होने से जुड़ा है। इन मामलों की जांच हाईकोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है।

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अब तक एसआईटी ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि वर्ष 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए हटाई गई स्वर्ण प्लेटों में से सोना बाद में गायब पाया गया।

जांच इस आधार पर आगे बढ़ रही है कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी ने इलेक्ट्रोप्लेटिंग के दौरान स्वर्ण प्लेटें हटाईं। पोट्टी के अलावा अब तक देवस्वोम बोर्ड के दो पूर्व अध्यक्षों और बोर्ड के चार पूर्व कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

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मामले की जांच अभी जारी है।

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