दुबई में कथित रूप से बंधक बनाई गई 25 वर्षीय भारतीय महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करें: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को निर्देश दिया है कि वे तत्काल कदम उठाकर उस 25 वर्षीय भारतीय महिला की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करें, जिसे एक विदेशी नागरिक द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया है।

न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने 26 नवंबर को पारित आदेश में विदेश मंत्रालय (MEA) और भारतीय वाणिज्य दूतावास को निर्देश दिया कि वे आरोपों की जांच करें और आवश्यक कदम उठाएं, जिसमें महिला की भारत वापसी में सहायता करना भी शामिल है, यदि वह लौटना चाहती है।

अदालत ने कहा, “परिस्थितियों को देखते हुए और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, विदेश मंत्रालय और दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को निर्देश दिया जाता है कि वे तत्काल कदम उठाकर याचिकाकर्ता की बेटी की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करें तथा याचिका में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करें।”

अदालत ने अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।

याचिका वि. तिरुनावुक्कारासु द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने विदेश मंत्रालय से अपने प्रतिनिधित्व पर कार्रवाई करने और उनकी बेटी को दुबई से वापस लाने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया था।

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याचिकाकर्ता के अनुसार, उनकी बेटी पेशे से नर्स है और उसकी मुलाकात उस विदेशी नागरिक से चेन्नई के एक अस्पताल में हुई थी, जहां वह व्यक्ति इलाज के लिए भर्ती था। बाद में उसने युवती को दुबई में एक वर्ष की मेडिकल असिस्टेंस नौकरी की पेशकश की। युवती जनवरी 2023 में दुबई चली गई।

याचिका में कहा गया कि कुछ समय बाद परिवार के साथ उसकी बातचीत कम होती गई और लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे भारत लौटने की अनुमति नहीं दी गई। आरोप है कि उस विदेशी नागरिक ने उसका पासपोर्ट और वीज़ा छीन लिया ताकि वह वापस न आ सके।

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अक्टूबर में पिता को अपनी बेटी का एक distress call मिला, जिसमें उसने शारीरिक उत्पीड़न और बुनियादी सुविधाओं से वंचित किए जाने की बात कही। पिता ने अदालत में वे फ़ोटो भी दिखाए जो बेटी ने भेजी थीं, जिनमें उस पर हुए उत्पीड़न के निशान दिखाई देते हैं।

याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने नवंबर में दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से मदद मांगी थी, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

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अब अदालत ने भारतीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

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