‘सर तन से जुदा’ नारेबाजी मामले में दो आरोपियों को राहत देने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ घटना के समर्थन में निकाले गए जुलूस के दौरान ‘सर तन से जुदा’ का नारा लगाने के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया है।

सोमवार को न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने आरोपियों गौहर खान और शाकिब जमाल द्वारा दायर उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने और पुलिस को किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से रोकने का निर्देश देने की मांग की थी।

यह प्रकरण 26 सितंबर को बरेली में हुई हिंसा से जुड़ा है, जब शुक्रवार की नमाज के बाद कोतवाली क्षेत्र स्थित एक मस्जिद के बाहर करीब दो हजार लोग इकट्ठा हुए और ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद पर प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द किए जाने के विरोध में जुलूस निकालने लगे।

जुलूस के दौरान भीड़ ने पथराव किया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह प्रदर्शन कानपुर में हुए इसी प्रकार के विरोध के समर्थन में आयोजित किया गया था।

पुलिस के अनुसार, इस जुलूस के दौरान आरोपियों गौहर खान और शाकिब जमाल ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए थे। इसके बाद कैंट थाने में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

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हाईकोर्ट ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद एफआईआर रद्द करने की मांग अस्वीकार कर दी और आरोपियों को कोई राहत देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि मामले में जांच और आगे की कार्यवाही कानून के अनुसार जारी रहेगी।

अब यह मामला संबंधित निचली अदालत में आगे की सुनवाई के लिए चलेगा।

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