करिश्मा कपूर के बच्चों ने संजय कपूर की ₹30,000 करोड़ संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

 बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दो बच्चों ने अपने दिवंगत पिता और उद्योगपति संजय कपूर की करीब ₹30,000 करोड़ की संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। यह मामला 10 सितम्बर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

याचिका में संजय कपूर की कथित वसीयत की वैधता को चुनौती दी गई है। कपूर का 12 जून 2025 को यूनाइटेड किंगडम के विंडसर में पोलो खेलते समय अचानक निधन हो गया था। बच्चों का कहना है कि न तो उनके पिता और न ही सौतेली मां प्रिया कपूर ने कभी वसीयत के अस्तित्व की जानकारी दी। उनका आरोप है कि यह वसीयत “जाली और मनगढ़ंत” हो सकती है।

बच्चों का दावा है कि शुरू में प्रिया कपूर ने किसी वसीयत के अस्तित्व से ही इनकार किया और कहा कि सभी संपत्तियाँ आरके फैमिली ट्रस्ट में हैं। लेकिन बाद में उन्होंने 21 मार्च 2025 की तारीख़ का एक दस्तावेज़ वसीयत बताकर पेश किया, जिससे संदेह और गहराया।

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इस मामले में वादी करिश्मा कपूर की बेटी और नाबालिग बेटा हैं, जिनका प्रतिनिधित्व अदालत में उनकी माँ कर रही हैं। मुकदमे में प्रतिवादी के तौर पर नामित किए गए हैं—

  • प्रिया कपूर, सुंजय की पत्नी, और उनका नाबालिग बेटा।
  • रानी कपूर, सुंजय की माँ और सोना कॉमस्टार की पूर्व चेयरपर्सन।
  • एक महिला, जिसने खुद को वसीयत की निष्पादक बताया है।

बच्चों का कहना है कि उनके पिता ने हमेशा उनकी आर्थिक सुरक्षा का भरोसा दिलाया था, उनके नाम पर व्यवसाय शुरू किए थे और उन्हें पारिवारिक ट्रस्ट का लाभार्थी बनाया था।

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मामले को और जटिल बनाते हुए, संजय कपूर की माँ रानी कपूर ने अलग से उनके निधन की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अगस्त में ब्रिटेन की पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है और आशंका जताई है कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या, षड्यंत्र, धोखाधड़ी या जालसाज़ी का मामला हो सकता है।

उन्होंने एक भावुक वीडियो संदेश में कहा: “मुझे आज तक नहीं पता कि मेरे बेटे के साथ क्या हुआ। मैं अब बूढ़ी हो चुकी हूँ। मुझे अपनी आख़िरी साँस से पहले न्याय और सच्चाई चाहिए।”

चूंकि संजय कपूर अमेरिकी नागरिकता भी रखते थे, इस कारण अमेरिकी अधिकारी भी मामले पर क़रीबी नज़र रख रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट पहले कथित वसीयत की जांच करेगा और फिर संपत्ति विवाद पर आगे की प्रक्रिया तय करेगा। भारी-भरकम संपत्ति, जालसाज़ी के आरोप और रहस्यमय मौत के सवालों के चलते यह कानूनी लड़ाई लंबी और चर्चित होने की संभावना है।

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