दिल्ली हाईकोर्ट ने गृह मंत्री अमित शाह के भतीजे बनकर व्यापारी से ₹3.9 करोड़ ठगने वाले आरोपी को जमानत से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यापारी को गृह मंत्री अमित शाह का भतीजा बनकर ₹3.9 करोड़ की ठगी करने वाले आरोपी अजय कुमार नैयर को जमानत देने से इंकार कर दिया है।

न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया ने 1 सितंबर को नैयर की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि गंभीर आरोपों के मद्देनज़र और उन धाराओं को जोड़े जाने की संभावना को देखते हुए जिनमें आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है, यह जमानत देने का उपयुक्त मामला नहीं है।

“आरोपों की प्रकृति और व्यापकता, साथ ही आरोपों में संशोधन कर धारा 467/471/120बी आईपीसी को शामिल करने पर विचार लंबित होने और अभियुक्त के आपराधिक इतिहास को देखते हुए, इस स्तर पर जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता,” अदालत ने कहा।

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अभियोजन के अनुसार, नैयर ने जालंधर जिमखाना क्लब में खुद को ‘अजय शाह’ यानी अमित शाह का भतीजा बताकर व्यापारी से परिचय कराया और राष्ट्रपति भवन के नवीनीकरण के लिए चमड़े की आपूर्ति का ₹90 करोड़ का सरकारी टेंडर दिलाने का झांसा दिया।

व्यापारी को उसकी कंपनी के नाम से ₹90 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट दिखाया गया और प्रोसेसिंग शुल्क के तौर पर ₹2.5 करोड़ मांगे गए। कई मुलाकातों के बाद व्यापारी ने आरोपी को नकद और आरटीजीएस के माध्यम से कुल ₹3.9 करोड़ दे दिए। बाद में नैयर ने ₹127 करोड़ का एक और ड्राफ्ट दिखाया और दावा किया कि टेंडर की लागत बढ़ा दी गई है।

जब व्यापारी को धोखाधड़ी का शक हुआ, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दिसंबर 2021 में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ धारा 467 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज़ का उपयोग) और 120बी (आपराधिक साज़िश) जैसी गंभीर धाराएँ जोड़ी जा सकती हैं, जिनमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। ऐसे में चार साल से हिरासत में रहने का आधार महत्वहीन हो जाता है।

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राज्य पक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी एक अन्य ठगी के मामले में शामिल रहा है, जिसे उसने ₹75 लाख वापस देकर निपटाया था।

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