मेघालय के री भोई जिले की एक विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने वर्ष 2017 में तीन नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न करने के दोषी पाए गए तीन आरोपियों को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दोषियों — मावरी क्सिंग, सबिशोन सोंगथियांग और ब्रोन प्रांग — को भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास के लिए 10 साल की कठोर कैद और ₹20,000 का जुर्माना लगाया। इसके अलावा उन्हें अलग-अलग धाराओं के तहत अतिरिक्त सजा भी दी गई:
- धारा 448 IPC (गृह-भेदन) के लिए 6 माह का साधारण कारावास
- धारा 354A IPC (यौन उत्पीड़न) के लिए 2 साल का कठोर कारावास और ₹1,000 का जुर्माना
- पॉक्सो अधिनियम की धारा 9(ग) और 10 (गंभीर यौन उत्पीड़न) के लिए 6 साल का कठोर कारावास और ₹10,000 का जुर्माना
घटना 28 जून 2017 को हुई थी, जब तीनों आरोपी शराब के नशे में नाबालिगों के घर में घुस गए और उनका यौन उत्पीड़न किया। इस संबंध में मामला नोंगपो थाना में दर्ज हुआ और पुलिस ने 23 अक्टूबर 2017 को आरोपपत्र दायर किया।

निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए री भोई के पुलिस अधीक्षक विवेकानंद सिंह राठौर ने कहा, “जांच पूरी सावधानी से की गई और आखिरकार न्याय मिला है। यह सजा अपराध की गंभीरता को दर्शाती है।”