दिल्ली हाईकोर्ट ने शाहदरा बार एसोसिएशन चुनाव की शांति पूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को शाहदरा बार एसोसिएशन के आगामी चुनावों के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा या अशांति उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध, चाहे वे वकील हों या गैर-वकील, सख्त कार्रवाई की जाए। यह चुनाव 9 मई को होने हैं।

यह आदेश न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह, न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पूर्णपीठ द्वारा पारित किया गया।

कोर्ट ने कहा, “यदि किसी समूह द्वारा—चाहे वे वकील हों या गैर-वकील—कोई बाधा या अशांति उत्पन्न की जाती है, तो पुलिस स्वतंत्र होगी कि वह चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने हेतु आवश्यक सख्त कार्रवाई करे।”

यह आदेश सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति तलवंत सिंह, जो शाहदरा बार एसोसिएशन चुनाव समिति के अध्यक्ष हैं, द्वारा दायर एक आवेदन पर पारित किया गया, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से चुनाव कराने की मांग की गई थी, यह कहते हुए कि सुरक्षा के समुचित प्रबंध नहीं हैं।

पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया

सुनवाई के दौरान, संबंधित क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) स्वयं कोर्ट में उपस्थित हुए और आश्वासन दिया कि 9 और 10 मई को चुनाव के लिए पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। डीसीपी ने यह भी बताया कि चुनाव तय प्रक्रिया के अनुसार शांतिपूर्वक संपन्न कराए जाएंगे।

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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति चुनाव में विघ्न डालने का प्रयास करता है, तो पुलिस को उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता होगी।

चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने में सहयोग करेंगे और मतदाताओं या चुनाव समिति के कार्य में कोई व्यवधान नहीं डालेंगे।

प्रॉक्सिमिटी कार्ड से प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य

कोर्ट ने निर्देश दिया कि केवल वही वकील-मतदाता, जो प्रॉक्सिमिटी कार्ड साथ लाएंगे, सत्यापन के बाद ही चुनाव क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे। साथ ही चुनाव स्थल की सीसीटीवी निगरानी की जाएगी, और उसका एक फीड संबंधित डीसीपी को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई की जा सके।

ईवीएम और मतपेटियों की सुरक्षा

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि चुनाव समिति आवश्यक ईवीएम प्राप्त करने हेतु दिल्ली विश्वविद्यालय या अन्य किसी उपयुक्त संस्था से संपर्क कर सकती है। दिल्ली विश्वविद्यालय के वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि यदि विश्वविद्यालय के पास ईवीएम उपलब्ध हैं तो उन्हें प्रदान किया जाएगा, जैसा कि पहले द्वारका बार चुनाव में किया गया था।

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चुनाव के बाद, मतपेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस को सौंपी गई है।

मतगणना दिवस पर केवल प्रत्याशी और एक प्रतिनिधि को प्रवेश

कोर्ट ने निर्देश दिया कि मतगणना के दिन केवल प्रत्याशी और उनके एक-एक अधिकृत प्रतिनिधि को ही कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। अन्य सभी व्यक्ति कोर्ट परिसर के बाहर ही रहेंगे।

पृष्ठभूमि

यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक याचिका की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और जिला अदालतों की विभिन्न बार एसोसिएशनों के चुनावों के संचालन को लेकर निर्देश दिए जाते रहे हैं। अदालत के पिछले आदेशों के अनुपालन में 21 मार्च 2025 को अधिकांश बार एसोसिएशनों के चुनाव संपन्न हो गए थे, लेकिन साकेत और शाहदरा बार एसोसिएशन के चुनाव विभिन्न कारणों से स्थगित कर दिए गए थे।

कोर्ट का यह आदेश सुनिश्चित करता है कि शाहदरा बार एसोसिएशन का चुनाव शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो, ताकि अधिवक्ताओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कोई विघ्न न आए।

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