सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति संदीप मेहता शामिल थे, ने फैसला सुनाया कि गलत तरीके से बर्खास्तगी (Wrongful Dismissal) के मामलों में सामान्यतः पुनर्नियुक्ति और पूर्ण बैक वेज (पिछले वेतन का भुगतान) का प्रावधान होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में एकमुश्त मुआवजा (Lump Sum Compensation) अधिक उपयुक्त उपाय हो सकता
