भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को बिहार और उड़ीसा सार्वजनिक मांग वसूली अधिनियम, 1914 के तहत चूककर्ता चावल मिलर्स के खिलाफ वसूली कार्यवाही शुरू करने के अधिकार को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एस.वी.एन. भट्टी की दो न्यायाधीशों वाली पीठ ने पावापुरी राइस मिल्स बनाम बिहार
