एक महत्वपूर्ण फ़ैसले में, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को बकाया भुगतान स्वीकार करने और लगभग तीन दशकों की देरी के बाद एक प्लॉट का कब्ज़ा आवंटी को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति बेला
