न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र द्वारा दिए गए एक चिंतनशील निर्णय में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिवक्ता के विरुद्ध की गई टिप्पणियों से संबंधित एक पूर्व न्यायिक चूक को स्वीकार किया और उसमें सुधार किया। न्यायालय ने द्वितीय अपील संख्या 626/2006 में सिविल विविध रिकॉल आवेदन संख्या 9/2024 पर सुनवाई करते हुए अधिवक्ता सिद्धार्थ श्रीवास्तव के विरुद्ध की
