सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की नेताजी को ‘देश का बेटा’ घोषित करने की याचिका

भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण पल के रूप में, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस को ‘देश का बेटा’ घोषित करने की मांग की गई थी। इस निर्णय के पीछे, अदालत का विचार था कि नेताजी की महानता को पहचानने के लिए किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनका योगदान और उनकी विरासत पहले से ही भारतीय इतिहास में स्थापित है।

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याचिका की मांगों में नेताजी के जन्मदिन को राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने और उनके योगदान को उचित पहचान देने की बात शामिल थी। इस याचिका को कटक के निवासी पिनाक पानी मोहंती ने दायर किया था।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा, “नेताजी की महानता और उनका योगदान सर्वविदित है, और उनके सम्मान के लिए कोर्ट के आदेश की आवश्यकता नहीं है।” यह भी कहा गया कि नेताजी जैसे महान नेता अमर हैं और पूरा देश उनका सम्मान करता है।

इससे पहले भी नेताजी से संबंधित एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें उनकी जयंती को सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने की मांग की गई थी। 

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