महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले की मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने वर्ष 2020 में एक सड़क हादसे में मारे गए 24 वर्षीय युवक के परिवार को ₹20.82 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है।
एमएसीटी के सदस्य आर. वी. मोहिटे ने अपने आदेश में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) को निर्देश दिया कि वह मृतक के परिवार को मुआवज़े की राशि 9% वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। ब्याज की गणना याचिका दायर किए जाने की तारीख से पूरी रकम जमा होने तक की जाएगी। आदेश 25 अगस्त को पारित किया गया था, जिसकी प्रति शनिवार को उपलब्ध हुई।
18 अक्तूबर 2020 को मृतक दत्तात्रेय गंगाराम वकले अपने मित्र की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे थे। जब वे नगर-कल्याण हाईवे पर जा रहे थे, तभी तेज़ और लापरवाही से चलाई जा रही एमएसआरटीसी की बस ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक चालक और वकले दोनों को गंभीर चोटें आईं। वकले की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना के बाद पुलिस ने बस चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304(ए) (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और मोटर वाहन अधिनियम की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
अधिकरण ने माना कि दुर्घटना पूरी तरह बस चालक की लापरवाही के कारण हुई और मृतक की ओर से कोई सह-लापरवाही नहीं थी।
₹20.82 लाख का मुआवज़ा और उस पर ब्याज की राशि वकले के शोकाकुल परिवार के लिए आर्थिक राहत मानी जा रही है, जिन्होंने न्याय और क्षतिपूर्ति की मांग के लिए अधिकरण का दरवाज़ा खटखटाया था।