जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि दिव्यांग अधिवक्ता और वादीयों के लिए सुलभ बुनियादी ढांचा बनाने की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और ई समिति के चेयरमैन जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने डिजिटल इकोसिस्टम के साथ सुलभ बुनियादी ढाँचा तैयार करने की जरूरतों पर बल दिया है। 

जस्टिस चंद्रचुड़ ने पूरे भारतवर्ष के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को इस विषय पर पत्र लिखते हुए कहा है शारिरिक तौर पर असक्षम और दिव्यांग अधिवक्ताओं और वादियों को अन्य वकीलों की तरह ही कानूनी पेशे में शामिल कर सक्षम बनाने की बात कही है। 

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ई समिति के चेयरमैन चंद्रचुड़ ने कहा कि सुलभ बुनियादी ढांचे की तत्काल प्रभाव से जरूरत है। जिसके तहत डिजिटल इकोसिस्टम भी उप्लब्ध हो जो शारिरिक रूप से अक्षम वकीलों और वादियों को कानूनी पेशे में भाग लेने पर सहायता प्रदान करे। आगे कहा कि संविधान के आर्टिकल 14 के तहत सभी को समानता का अधिकार है। और आर्टिकल 19 (1) (जी) के अंतर्गत हर किसी को अपने पसंद के पेशे की ट्रेनिगं लेने का अधिकार है। 

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अदालतों के समस्त फैसले समेत सभी दस्तावेज ई पब में होना चाहिए जिससे इन्हें ई बुक एप्प या ऑप्टिकल करेक्टर रीडर की मदद से पढ़ा जा सके। और हाईकोर्ट को पीडीएफ फ़ाइल के साथ अपनी ऑफिसियल वेबसाइटों पर एचटीएमएल फॉरमेट में फैसले जारी करने पर विचार विमर्श करना चाहिए।

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