सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु वक्फ बोर्ड को कार्य करने से रोकने वाले मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें तमिलनाडु वक्फ बोर्ड को उसके वैधानिक अधिकारों और कार्यों के प्रयोग से प्रतिबंधित कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने बोर्ड की संरचना को प्रथम दृष्टया कानून के अनुरूप न मानते हुए यह रोक लगाई थी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने वक्फ बोर्ड की याचिका पर तमिलनाडु सरकार सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

मद्रास हाईकोर्ट ने अपने 8 जनवरी के आदेश में कहा था कि वक्फ बोर्ड का गठन वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 14 के अनुरूप नहीं है, जो बोर्ड की संरचना से संबंधित है।

हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि:

  • धारा 14 के खंड (d) के तहत आवश्यक दो व्यक्तियों में से एक का नामांकन नहीं हुआ है
  • उपधारा (1) के तहत नियुक्त बार के कुल सदस्यों में, पदेन सदस्यों को छोड़कर, दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति की अनिवार्यता का पालन नहीं किया गया
READ ALSO  ग्लोबल अयप्पा संगम के ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं: केरल हाईकोर्ट ने त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड से मांगा जवाब

राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि बोर्ड का गठन लगभग पूरा हो चुका है और शेष पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि वैधानिक अनिवार्यता का पालन नहीं हुआ है और बोर्ड की वर्तमान संरचना “प्रथम दृष्टया कानून के अनुरूप नहीं” है। इसके आधार पर कोर्ट ने बोर्ड को अधिनियम के तहत किसी भी शक्ति और कार्य के प्रयोग से रोक दिया था।

वक्फ बोर्ड ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि इस रोक से उसकी वैधानिक कार्यप्रणाली पूरी तरह ठप हो गई है।

READ ALSO  क्या छात्र से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला समझौते के आधार पर रद्द किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट करेगा तय

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के संचालन पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।

मामले की अगली सुनवाई जवाब दाखिल होने के बाद होगी।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles