एक महत्वपूर्ण न्यायिक नियुक्ति के तहत, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शनिवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश अरुण पाली को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश न्यायमूर्ति पाली की विधिक दक्षता और उनके व्यापक न्यायिक अनुभव को रेखांकित करती है।
न्यायमूर्ति पाली को 26 अप्रैल 2007 को वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) के रूप में नामित किया गया था। अपने करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न जटिल मामलों में अमीकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) की भूमिका निभाई है और डिवीजन बेंच तथा फुल बेंच के समक्ष विविध कानूनी मुद्दों पर अपनी विशेषज्ञता दिखाई है। उनका कानूनी अनुभव केवल पंजाब और हरियाणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी कई महत्वपूर्ण मामलों में बहस की है।
न्यायमूर्ति पाली को 28 दिसंबर 2013 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। इसके अतिरिक्त, वे 31 मई 2023 से हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (Haryana State Legal Services Authority) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सेवा दे रहे हैं। साथ ही, उन्हें 31 अक्टूबर 2023 को दो वर्ष की अवधि के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की गवर्निंग बॉडी का सदस्य भी नामित किया गया था।

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति पाली की नियुक्ति से क्षेत्र में न्याय के प्रशासन को एक अनुभवी और संतुलित दृष्टिकोण मिलने की उम्मीद है।