सीबीआई इतनी अक्षम क्यों है जब वह स्वयं को प्रमुख जांच एजेंसी मानती है? सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली—- सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार केस में एक सरकारी अफसर को रिहा करने के विरुद्ध अपील दाखिल करने में देरी पर सीबीआई क्षमता पर सवालिया निशान लगाते हुए सीबीआई की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल आरएस सूरी से कहा है कि सीबीआई इतनी अक्षम क्यों हैं जब वह खुद को प्रमुख जांच एजेंसी मानती है? 

जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ ने पाया कि यह अजीब बात है कि सीबीआई ने अपील दायर करने में तकरीबन एक साल की देरी की है। लेकिन अब इसे बहुत महत्वपूर्ण मामले के रूप में पेश किया जा रहा है। सीबीआई का बचाव करते हुए सॉलिसीटर जनरल सूरी ने कहा समस्याओं पर एजेंसी में विचार विमर्श किया जा रहा था और कुछ फेरबदल भी किए जा रहे हैं।

इस पर पीठ ने कहा यह तथाकठित बदलाव काफी वक्त से हो रहा है। लेकिन हमें लगता है कि ऐसा कुछ नही हो रहा है। पीठ ने सूरी से पूछा कि क्या 2019 में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा बरी करने के आदेश के खिलाफ दाखिल करने में 314 दिनों की देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाई की गई है। 

Download Law Trend App

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles