पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए, सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों ने सर्वसम्मति से यह तय किया है कि वे अपनी संपत्ति की घोषणा सार्वजनिक रूप से करेंगे। यह निर्णय 1 अप्रैल को हुई फुल कोर्ट मीटिंग के दौरान लिया गया, जिसकी जानकारी सूत्रों ने दी।
यह फैसला हाल ही में सामने आई कुछ विवादास्पद घटनाओं के बाद आया है, जिनमें दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के आवास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की घटना शामिल है। इस घटना ने न्यायपालिका के सदस्यों की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए थे।
मीटिंग में पारित प्रस्ताव के अनुसार, सभी न्यायाधीश अपनी संपत्ति की जानकारी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को सौंपेंगे, जो इसे सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कराने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह जानकारी किस प्रारूप में और कब तक सार्वजनिक की जाएगी, लेकिन पारदर्शिता को लेकर प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से जताई गई है।

अब तक सुप्रीम कोर्ट के जज अपनी संपत्ति की घोषणा केवल मुख्य न्यायाधीश को देते रहे हैं, जो सार्वजनिक नहीं होती थी। यह नया कदम न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।