भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 301 की परिभाषा स्पष्ट की है, जो ‘ट्रांसमाइग्रेशन ऑफ मोटिव’ या ‘डॉक्ट्रिन ऑफ ट्रांसफर ऑफ मैलिस’ से संबंधित है। आशोक सक्सेना बनाम उत्तराखंड राज्य (क्रिमिनल अपील संख्या 1704-1705/2015) मामले में, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को दोषसिद्ध किया
