सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 9 अपर न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की संस्तुति की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के नौ अपर न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की संस्तुति की है। यह संस्तुति गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद की गई, जिसमें परामर्श और न्यायाधीशों के प्रदर्शन का आकलन शामिल था।

स्थायी नियुक्ति के लिए अनुशंसित न्यायाधीश हैं:

1. न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी

2. न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम

3. न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता

4. न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला

5. न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र

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6. न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर

7. न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार

8. न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला

9. न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल

यह निर्णय 28 मई, 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के कॉलेजियम द्वारा सर्वसम्मति से की गई संस्तुति के बाद लिया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने भी संस्तुति के साथ अपनी सहमति व्यक्त की है।

इस प्रक्रिया में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मामलों से परिचित सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के साथ परामर्श और सर्वोच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों की समिति द्वारा गहन समीक्षा शामिल थी। मुख्य न्यायाधीश धनंजय वाई चंद्रचूड़ द्वारा गठित इस समिति ने अतिरिक्त न्यायाधीशों के निर्णयों का मूल्यांकन किया, तथा स्थायी पदों के लिए उनकी योग्यता और उपयुक्तता सुनिश्चित की।

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कॉलेजियम ने सिफारिश की है कि इन नौ न्यायाधीशों को इलाहाबाद हाईकोर्ट में मौजूदा रिक्तियों के विरुद्ध स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जाए। इस सिफारिश से हाईकोर्ट की न्यायिक क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे देश के सबसे व्यस्त न्यायिक मंचों में से एक में न्याय के त्वरित वितरण में सहायता मिलेगी।

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