रामभद्राचार्य द्वारा महात्मा बुद्ध के खिलाफ टिप्पणी पर वाद दायर

उत्तरप्रदेश—- ग्रेटर नोएडा स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में हैपिनेस सेंटर के उदघाटन पर पदम विभूषण रामभद्राचार्य द्वारा महात्मा बुद्ध पर की गई अभद्र टिप्पणी पर अधिवक्ता ओमप्रकाश मधुर ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में याचिका दाखिल की है। 

एडवोकेट मधुर का कहना है कि इससे भगवान महात्मा बुद्ध की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा है। वहीं उनके मानने वाले अनुयायियों की आस्था को भी ठेस पहुँचा है। 

डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी ने बताया कि इस मामले में वकील मधुर की तरफ से वाद दायर किया गया है। वकील का कहना है कि महात्मा बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक और प्रणेता रहे हैं। बौद्ध धर्म के अनुयायी उनको भगवान स्वरूप मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। 

पूरे विश्व मे महात्मा बुद्ध के करोड़ो समर्थक है। इस अभद्र टिप्पणी से करोड़ो अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुँची है। इसके विरोध में वह रोड पर प्रदर्शन के लिए उतर आये हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विरोध साफ देखा जा सकता है। 

रामभद्राचार्य के इस कृत्य से साफ़ है कि वह अशान्ति ,आतंक और धार्मिक व साम्प्रदायिक दंगे फैलाने की साजिश के सूत्रधार हैं। यह कानूनी गतिविधियों रोकथाम अधिनियम 2019 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। ऐसे में उन्होंने अभियुक्त को कोर्ट के समक्ष पेश कर विधि के अनुसार दंडित किए जाने का आदेश पारित करने का निवेदन किया है। 

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