सीहोर जिला न्यायालय ने नाबालिग से बलात्कार के लिए व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई

सीहोर जिला न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में नाबालिग लड़की से बलात्कार के लिए एक व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और उस पर 3,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह फैसला POCSO न्यायालय के विशेष न्यायाधीश अभिलाष जैन ने सुनाया।

विशेष लोक अभियोजक केदार सिंह कौरव के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 30 सितंबर, 2022 की शाम को हुई। पीड़िता अपनी बहन और मौसी के साथ मंदिर गई थी। जब उसके रिश्तेदार भजन गा रहे थे, तो उसने अकेले ही पास में एक दोस्त से मिलने का फैसला किया। इसी दौरान आरोपी धन सिंह दायमा, उम्र 24 साल, खंडाबाद, बुधनी से एक स्थानीय हैंडपंप के पास उसके पास आया।

दायमा ने लड़की को अपने साथ चलने के लिए मजबूर किया और बाद में उसे पास के एक खेत में खींच लिया, जहाँ उसने उसके साथ मारपीट की। अपराधी ने उसे धमकी दी कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसकी जान ले लेगा। सदमे में आकर लड़की मंदिर लौटी और बाद में अपनी बहन और मौसी को पूरी घटना बताई। अगली सुबह उसने अपनी बहन और पिता के साथ बुधनी थाने में घटना की सूचना दी।

पुलिस ने घटनास्थल पर जांच की और पीड़िता की मेडिकल जांच और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया।

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जांच के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3), 341, 506 और पोक्सो अधिनियम की धारा 3/4 और एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(वी) के तहत आरोप दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की दलीलों की समीक्षा करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और कई धाराओं में सजा सुनाई, जिसमें धारा 376(3) के तहत बलात्कार के लिए 20 साल की सजा और 3,500 रुपये का जुर्माना शामिल है।

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