BBMP चुनाव 30 जून से पहले कराएं: सुप्रीम कोर्ट का कर्नाटक सरकार और राज्य चुनाव आयोग को आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक सरकार और राज्य चुनाव आयोग (SEC) को आदेश दिया कि बेंगलुरु महानगरपालिका (BBMP) और ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र (GBA) की पांच नई नगरपालिकाओं के लिए लंबित स्थानीय निकाय चुनाव हर हाल में 30 जून, 2026 से पहले संपन्न कराए जाएं।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि वार्डवार आरक्षण सूची 20 फरवरी तक अंतिम रूप से प्रकाशित करनी होगी, और यह समयसीमा अंतिम होगी — इसमें कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा।

BBMP की पिछली निर्वाचित परिषद का कार्यकाल 10 सितंबर 2020 को समाप्त हो गया था। उसके बाद से नगरपालिका का संचालन एक सरकारी प्रशासक कर रहा है। चुनावों में हो रही देरी को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसने दिसंबर 2020 में राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि मतदाता सूची अंतिम रूप देने के बाद शीघ्र चुनाव कराए जाएं।

इस आदेश को कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई और BBMP व ग्रेटर बेंगलुरु की नई नगरपालिकाओं में चुनावों की निगरानी शुरू कर दी।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने राज्य सरकार की ओर से कहा कि वार्डवार आरक्षण सूची तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, और एक महीने के भीतर प्रकाशित कर दी जाएगी। अदालत ने यह बयान रिकॉर्ड पर लिया और 20 फरवरी की अंतिम तिथि तय कर दी।

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राज्य चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के.एन. फणीन्द्र ने बताया कि बोर्ड और कॉलेज परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम मतदाता सूची 16 मार्च को प्रकाशित की जाएगी, क्योंकि मतदान केंद्रों के तौर पर स्कूलों का उपयोग किया जाएगा और शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं मई के अंत तक समाप्त होंगी और उसके बाद चुनाव कराए जा सकते हैं।

इस पर पीठ ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा,

“चुनाव हर स्थिति में 30 जून, 2026 से पहले संपन्न होने चाहिए।”

इस बार होने वाले चुनाव का दायरा पहले की तुलना में कहीं बड़ा होगा। जहां पिछली बार 198 वार्डों के लिए BBMP चुनाव हुए थे, वहीं इस बार 369 वार्डों के लिए चुनाव होंगे — जो कि 171 वार्डों की वृद्धि है। यह वृद्धि कर्नाटक नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, 2020 के तहत हुई थी, जिसकी वैधता हाईकोर्ट ने बरकरार रखी थी।

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हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह संशोधन पहले से लंबित चुनावों को टालने का आधार नहीं बन सकता।

2022 में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को निर्देश दिया था कि BBMP वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया 8 सप्ताह के भीतर पूरी कर अधिसूचना जारी करे। इसके बाद राज्य सरकार ने ग्रेटर बेंगलुरु की पांच नई नगरपालिकाओं में 369 वार्डों के लिए आरक्षण सूची अधिसूचित की।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के साथ, बेंगलुरु में लंबे समय से लंबित पड़े नगरपालिका चुनावों को समयबद्ध रूप से आयोजित कराने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत की सीधी निगरानी में अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राजधानी क्षेत्र की नागरिक व्यवस्था लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई निकायों के हाथ में सौंप दी जाए।

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