सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार को दिए गए एक ऐतिहासिक फैसले में, यह कहा गया है कि सभी महिलाएं चाहे विवाहित या अविवाहित हो सुरक्षित और कानूनी गर्भपात की हकदार हैं। न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस ए.एस. बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट की व्याख्या करते हुए
