भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने दुष्यंत जनबंधु बनाम मेसर्स हुंडई ऑटोएवर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मामले में एक निर्णायक फैसला सुनाया है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि रोजगार विवादों में वैधानिक उपचार मध्यस्थता से अधिक महत्वपूर्ण हैं। न्यायमूर्ति पामिदिघंतम श्री नरसिम्हा और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मध्यस्थता और सुलह
