एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) अदालत ने इस महीने छह संपत्तियों और एक बैंक खाते की कुर्की रद्द कर दी है, जिन्हें प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से कथित तौर पर जोड़ा गया था। अदालत ने इससे पहले जून में 10 अन्य संपत्तियों की कुर्की हटाई थी।
अदालत के हालिया आदेशों में जिन ट्रस्ट और संगठनों की संपत्तियां और बैंक खाता रिलीज करने का निर्देश दिया गया है, उनमें त्रिवेंद्रम एजुकेशन ट्रस्ट, हरीथम फाउंडेशन पूवंचिरा, पेरियार वैली चैरिटेबल ट्रस्ट (अलुवा), वल्लवुनाड ट्रस्ट (पालक्काड), चंद्रगिरि चैरिटेबल ट्रस्ट (कासरगोड) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) नई दिल्ली शामिल हैं।
गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त प्राधिकरण ने 2023 में इन संपत्तियों को अटैच किया था। यह कार्रवाई एनआईए द्वारा पीएफआई के खिलाफ दर्ज मामलों के बाद हुई थी, जिनमें 2022 में पलक्काड के आरएसएस नेता श्रीनिवासन की हत्या और संगठन की कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियां शामिल थीं।
एनआईए का आरोप था कि पेरियार वैली कैंपस और वल्लवुनाड हाउस में पीएफआई के कार्यकर्ताओं को शारीरिक व हथियार प्रशिक्षण दिया जाता था।

ट्रस्ट और संपत्ति मालिकों ने अदालत में अपील करते हुए कहा कि उनका पीएफआई की गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। अदालत ने माना कि ट्रस्टियों की प्रत्यक्ष संलिप्तता साबित नहीं हो सकी, इसलिए कुर्की हटाई जा रही है।
आवेदकों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता पी.सी. नौशाद ने बताया कि अब तक अदालत कुल 17 संपत्तियों की कुर्की रद्द कर चुकी है। जून में जिन 10 संपत्तियों को रिलीज किया गया था, वे मलप्पुरम, अलपुझा, कोल्लम, पथानमथिट्टा, त्रिशूर, वायनाड, कोझिकोड, पालक्काड और एर्नाकुलम में स्थित थीं।
एनआईए ने नई दिल्ली स्थित एसडीपीआई के बैंक खाते को भी अटैच किया था, यह आरोप लगाते हुए कि खाते से एक आरोपी को धनराशि भेजी गई थी। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि संबंधित व्यक्ति एसडीपीआई का ड्राइवर था और उसे हर महीने वेतन के रूप में पैसे दिए जाते थे। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए खाते की कुर्की भी रद्द कर दी।
हालांकि अदालत ने कुर्की हटाई है, लेकिन एनआईए का कहना है कि पीएफआई ने इन संपत्तियों का इस्तेमाल प्रशिक्षण और ठिकाने के रूप में किया। एजेंसी अब तक 63 व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
नवीनतम आदेशों के बाद, अब तक कुल 17 संपत्तियां और एक बैंक खाता कुर्की से मुक्त हो चुके हैं।