केरल तट पर जहाज डूबने से हुए प्रदूषण मामले में MSC ने हाईकोर्ट में जमा की ₹1,227.62 करोड़ की राशि, बहन पोत MSC Akiteta II को मिली रिहाई

केरल तट पर मई 2025 में डूबे जहाज MSC ELSA III से हुए भीषण समुद्री प्रदूषण के मामले में, पोत के मालिकों ने केरल हाईकोर्ट में ₹1,227.62 करोड़ की सुरक्षा राशि जमा की है। इस राशि के जमा होने के बाद जहाज की बहन पोत MSC Akiteta II को रिहा कर दिया गया।

मालिकों की ओर से पेश वकील ने बताया कि यह राशि दिसंबर 2025 के दूसरे सप्ताह में कोर्ट में जमा की गई और उसी महीने के अंत तक MSC Akiteta II को रिहा कर दिया गया।

इससे पहले, 4 दिसंबर 2025 को केरल हाईकोर्ट ने Mediterranean Shipping Company (MSC) को कोटक महिंद्रा बैंक के स्थान पर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के माध्यम से ₹1,227.62 करोड़ की बैंक गारंटी जमा करने की अनुमति दी थी।

हाईकोर्ट ने इससे पहले 7 जुलाई 2025 को MSC Akiteta II को सशर्त रूप से जब्त करने का आदेश दिया था और ₹9,531 करोड़ की सुरक्षा राशि जमा करने को कहा था। बाद में अदालत ने यह राशि घटाकर ₹1,227.62 करोड़ कर दी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार को उपयुक्त साक्ष्य प्राप्त होते हैं तो वह सुरक्षा राशि बढ़ाने की मांग कर सकती है।

यह आदेश केरल सरकार की उस याचिका पर आया था जिसमें MSC ELSA III के डूबने और उसके कारण हुए पर्यावरणीय नुकसान के लिए कुल ₹9,531 करोड़ का मुआवजा मांगा गया था। राज्य सरकार की क्षतिपूर्ति मांग तीन हिस्सों में विभाजित थी:

  • ₹8,626.12 करोड़ – पर्यावरण, समुद्री जीवन और तटीय क्षति के लिए
  • ₹378.48 करोड़ – नुकसान कम करने और साफ-सफाई के उपायों की लागत के लिए
  • ₹526.51 करोड़ – मछुआरों को हुए आर्थिक नुकसान के लिए
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MSC ELSA III 25 मई 2025 को केरल तट से कुछ दूरी पर डूब गया था। जहाज में 643 कंटेनर थे और उसके डूबने से भारी मात्रा में तेल व अन्य हानिकारक पदार्थ समुद्र में फैल गए। इससे समुद्री जीवन को भारी क्षति पहुंची और तटीय इलाकों में हजारों मछुआरों की आजीविका प्रभावित हुई।

केरल पर्यावरण विभाग द्वारा लाए गए इस मामले को भारत के कानूनी इतिहास में समुद्री प्रदूषण से जुड़ी सबसे बड़ी क्षतिपूर्ति मांगों में से एक माना जा रहा है।

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