रायसेन यूनिट का लाइसेंस निलंबित करने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और आबकारी आयुक्त को जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को सोम डिस्टिलरीज की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और आबकारी आयुक्त को नोटिस जारी किया, जिसमें रायसेन स्थित उसकी उत्पादन इकाई का लाइसेंस निलंबित किए जाने को चुनौती दी गई है।

न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकल पीठ के समक्ष सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से यह याचिका दायर की गई है। याचिका में आबकारी आयुक्त द्वारा 4 फरवरी को जारी उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत कंपनी की रायसेन इकाई का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल के अनुसार, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और आबकारी विभाग को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

कंपनियों का कहना है कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई का अवसर दिए की गई। याचिका में दलील दी गई है कि इस प्रकार की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है और बिना नोटिस तथा सुनवाई के लाइसेंस निलंबित करना अवैध और अनुचित है।

इस मामले में सुनवाई से पहले हाईकोर्ट के दो न्यायाधीश खुद को अलग कर चुके हैं। 24 फरवरी को न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने इस याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग करते हुए निर्देश दिया था कि मामले को किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। इसके बाद 27 फरवरी को न्यायमूर्ति एस. एन. भट्ट ने भी इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था।

READ ALSO  दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक के निपटारे में पत्नी द्वारा 12 लाख का भुगतान करने के बाद पति के खिलाफ धारा 498A IPC की प्राथमिकी रद्द की

अब यह मामला न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की पीठ के समक्ष विचाराधीन है, जिसने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। जवाब दाखिल होने के बाद मामले में आगे सुनवाई की जाएगी।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles