कोर्ट ने प्राइवेट बैंक को किराये के समझौते का उल्लंघन करने पर संपत्ति मालिक को 1.23 करोड़ रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया

महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक सिविल अदालत ने एक निजी सहकारी बैंक को किराये के समझौते की समाप्ति के बावजूद परिसर खाली नहीं करने के लिए एक संपत्ति मालिक को 1.23 करोड़ रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है।

सिविल जज सीनियर डिवीजन एएस लांजेवार ने 1 नवंबर के एक आदेश में बैंक को संपत्ति के मालिक एसएस जोंधले को 24.35 लाख रुपये का ब्याज देने के लिए भी कहा।

बैंक को आदेश की तारीख से दो महीने की अवधि के भीतर 16 जून, 2020 से 30 अक्टूबर, 2023 की अवधि के लिए 1.23 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ-साथ 24.35 लाख रुपये की ब्याज राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।

आदेश में कहा गया है कि बैंक को ऑर्डर की तारीख से उसकी वसूली तक 1.47 करोड़ रुपये से अधिक पर 12 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी देना होगा।

वादी के वकील एसआर कुलकर्णी ने कहा कि बैंक ने अनुबंध किराये समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है और परिसर पर कब्जा जारी रखा है।

READ ALSO  नाबालिग लड़की को अपने पति के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती : इलाहाबाद हाई कोर्ट
Ad 20- WhatsApp Banner

Related Articles

Latest Articles