मद्रास हाईकोर्ट  ने महिला अधिवक्ता संघ के लिए समय पर चुनाव कराने का आदेश दिया

कानूनी हलकों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मद्रास हाईकोर्ट  ने तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल (BCTNP) को महिला अधिवक्ता संघ (WLA) के लिए समय पर चुनाव कराने का आदेश दिया है। यह निर्देश मंगलवार को न्यायमूर्ति एस.एम. सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति सी. कुमारप्पन की खंडपीठ द्वारा जारी किया गया।

न्यायालय ने WLA के वर्तमान पदाधिकारियों को अगले दो सप्ताह के भीतर BCTNP सचिव को एक व्यापक सदस्यता सूची और प्रशासनिक रिकॉर्ड सहित सभी प्रासंगिक विवरण हस्तांतरित करने का निर्देश दिया है। यह हस्तांतरण एक अद्यतन मतदाता सूची बनाने और संघ के उपनियमों के अनुसार चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

BCTNP को इस वर्ष 30 सितंबर से पहले चुनाव कराने के लिए एक चुनाव अधिकारी और आवश्यक सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति करने का काम सौंपा गया है। यह निर्णय संघ की चुनावी प्रक्रियाओं में पिछली देरी और प्रशासनिक बाधाओं के बारे में चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है।

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इसके अलावा, न्यायालय ने यह भी निर्धारित किया है कि नव निर्वाचित पदाधिकारियों को भविष्य में देरी के बारे में किसी भी शिकायत को रोकने के लिए निर्धारित समय पर बाद के चुनाव कराने को प्राथमिकता देनी चाहिए। ऐसे परिदृश्य में जहां चुनाव निर्धारित समयसीमा के अनुसार नहीं होते हैं, बीसीटीएनपी के पास एक विशेष अधिकारी नियुक्त करने का अधिकार है। यह अधिकारी, जो एक महिला होनी चाहिए, अपनी नियुक्ति के चार महीने के भीतर चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार होगी।

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इसके अतिरिक्त,हाईकोर्ट  ने इन चुनावों के संचालन में तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1975 का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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