मद्रास हाईकोर्ट ने अभिनेता और राजनेता कमल हासन को राहत देते हुए सोमवार को उनके नाम, छवि, उपाधि ‘उलगनायगन’ और प्रसिद्ध डायलॉग्स के व्यावसायिक उपयोग पर अस्थायी रोक लगा दी।
यह आदेश न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार रामामूर्ति ने उस दीवानी वाद पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जिसे हासन ने चेन्नई स्थित एक कपड़ा ब्रांड ‘नीये विदाई’ के खिलाफ दायर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया कि यह कंपनी उनकी तस्वीरों, नाम और संवादों का इस्तेमाल कर बिना अनुमति टी-शर्ट और शर्ट बेच रही है।
हासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश परासरण और अधिवक्ता विजयन् सुब्रमणियन ने दलील दी कि अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि किसी भी संस्था को उनकी पहचान, नाम, छवि या संवादों का व्यावसायिक दोहन करने से रोका जाए।
दलीलों से सहमत होते हुए न्यायालय ने प्रतिवादी कंपनी को अभिनेता की पहचान के किसी भी व्यावसायिक उपयोग से अंतरिम रूप से रोक दिया। हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि आदेश कार्टून में उनके चित्रण पर लागू नहीं होगा, जिससे कलात्मक या व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति प्रभावित न हो।
अदालत ने प्रतिवादी नीये विदाई को निर्देश दिया कि वह इस याचिका के जवाब में अपना काउंटर हलफनामा दाखिल करे। अगली सुनवाई फरवरी में होगी।
चूंकि यह याचिका किसी भी अनधिकृत पक्ष द्वारा अभिनेता के नाम या तस्वीर के उपयोग पर रोक लगाने की मांग करती है, इसलिए अदालत ने हासन को निर्देश दिया कि इस आदेश की जानकारी तमिल और अंग्रेज़ी अखबारों में विज्ञापन के ज़रिये दी जाए।
यह मामला भारत में सेलेब्रिटी व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) को लेकर बढ़ती न्यायिक सतर्कता को रेखांकित करता है, विशेष रूप से तब जब प्रसिद्ध व्यक्तियों की पहचान का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना व्यापारिक लाभ के लिए किया जा रहा हो।

