सड़क हादसे में मारे गए दिल्ली फायर सर्विस कर्मी के परिजनों को 82.86 लाख रुपये मुआवज़ा: दावा अधिकरण का आदेश

दिल्ली स्थित एक मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने 34 वर्षीय दिल्ली फायर सर्विस (DFS) कर्मचारी विनीत सहरावत की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के मामले में उनके परिवार को 82.86 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

परिवार द्वारा दायर दावे में कहा गया था कि 27 फरवरी 2016 को हरियाणा के भिवानी ज़िले के गगड़वास गांव के पास एक हरियाणा रोडवेज़ की बस ने विनीत सहरावत की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। सहरावत उस समय मात्र 34 वर्ष के थे और दिल्ली फायर सर्विस में कार्यरत थे।

परिजनों का कहना था कि बस चालक की लापरवाही और तेज़ रफ्तार के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवज़ा मांगा, यह तर्क देते हुए कि मृतक ही परिवार का मुख्य अर्जक था।

अध्यक्ष रिचा मचंदा की अदालत ने 7 फरवरी को दिए आदेश में पाया कि परिजनों ने यह पर्याप्त रूप से साबित कर दिया कि हादसा बस चालक की लापरवाही से हुआ था। एक प्रत्यक्षदर्शी की गवाही और आपराधिक मुकदमे के रिकॉर्ड के आधार पर अधिकरण ने माना कि बस चालक दोषी था।

अधिकरण ने कहा, “चूंकि मृतक की आयु दुर्घटना के समय लगभग 34 वर्ष थी और वह एक सरकारी कर्मचारी था, इसलिए 50% की भविष्य आय की संभावना (फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट्स) को ध्यान में रखते हुए मुआवज़ा दिया जाना उचित है।”

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अधिकरण ने कुल ₹82.86 लाख रुपये का मुआवज़ा विभिन्न मदों में (जैसे आश्रितों की हानि, मानसिक आघात, अंतिम संस्कार खर्च, भविष्य आय की संभावना आदि) प्रदान किया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय बस बीमित थी।

इसलिए बीमा कंपनी को निर्देश दिया गया कि वह यह पूरी मुआवज़ा राशि मृतक के परिजनों को प्रदान करे।

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