उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में वकीलों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर स्थित बारा टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों की गुंडई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मामूली कहासुनी पर एक अधिवक्ता को न केवल दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, बल्कि उन्हें अपमानित करते हुए जबरन माफी मांगने पर मजबूर किया गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला अपनी निजी कार से लखनऊ हाईकोर्ट जा रहे थे। जब वह बारा टोल प्लाजा पर पहुंचे, तो वहां किसी बात को लेकर टोल कर्मियों से उनकी बहस हो गई। यह बहस जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोप है कि टोल कर्मियों ने एकजुट होकर अधिवक्ता को घेर लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टोल कर्मी वकील के साथ बदसलूकी कर रहे हैं और उन्हें बार-बार “सॉरी बोल… तूने बदतमीजी की है” कहते हुए धमका रहे हैं।
वकीलों का प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
अधिवक्ता के साथ मारपीट और अभद्रता का वीडियो वायरल होते ही कानूनी बिरादरी का गुस्सा फूट पड़ा। भारी संख्या में वकीलों ने हैदरगढ़ कोतवाली पहुंचकर टोल कर्मियों की मनमानी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। हैदरगढ़ कोतवाली के इंस्पेक्टर अभिमन्यु मल्ल ने पुष्टि की कि अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान गोलू, रवि वर्मा और लवलेश मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

