इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह विवाद में मुस्लिम पक्ष द्वारा दाखिल संशोधन आवेदन पर अगली सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से अधिवक्ता तस्नीम अहमदी ने कहा कि लिखित बयान में दायर संशोधन आवेदन पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। हालांकि, कोर्ट के रिकॉर्ड में ऐसा कोई आदेश उपलब्ध नहीं मिला। इस पर उन्होंने समय देने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने मामले को 12 मार्च के लिए स्थगित कर दिया।
विवाद का केंद्र औरंगज़ेब काल में निर्मित शाही ईदगाह मस्जिद है। हिंदू पक्ष के कुछ वादियों का दावा है कि यह मस्जिद भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर बने मंदिर को ध्वस्त कर बनाई गई थी।
हिंदू पक्ष की ओर से कुल 18 वाद दायर किए गए हैं, जिनमें विवादित भूमि का कब्जा, शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की गई है।
1 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उन अर्जियों को खारिज कर दिया था, जिनमें हिंदू पक्ष के वादों की पोषणीयता (maintainability) पर सवाल उठाया गया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि ये वाद न तो सीमांकन अधिनियम, न ही वक्फ अधिनियम और न ही पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 से बाधित हैं।
पूजा स्थल अधिनियम 15 अगस्त 1947 की स्थिति के अनुसार धार्मिक स्थलों के स्वरूप को यथावत बनाए रखने का प्रावधान करता है। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रारंभिक स्तर पर इस अधिनियम के आधार पर वादों को खारिज नहीं किया जा सकता।
अब मामले की आगे की सुनवाई 12 मार्च को होगी, जब अदालत संशोधन आवेदन के प्रश्न पर विचार करेगी।

