केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सबरीमाला मंदिर में सोने की कथित हेराफेरी से जुड़े एक अहम मामले में चेन्नई स्थित स्मार्ट क्रिएशंस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पंकज भंडारी की याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति ए बदरुद्दीन की एकल पीठ ने भंडारी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका के साथ-साथ उनकी हिरासत से रिहाई की मांग भी अस्वीकार कर दी। अदालत का विस्तृत आदेश अभी प्रतीक्षित है।
यह मामला भगवान अयप्पा के प्रतिष्ठित सबरीमाला मंदिर में स्थित द्वारपालक (रक्षक देवता) मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाज़ों की इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए दिए गए सोने की कथित चोरी से जुड़ा है।
इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने दावा किया है कि भंडारी और बल्लारी स्थित जौहरी गोवर्धन रॉडम ने मंदिर की पवित्र वस्तुओं से सोना चुराने की साजिश में प्रमुख भूमिका निभाई। SIT के अनुसार, दोनों ने पहले आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ मिलकर उस सोने को हड़पने की योजना बनाई जो उन्हें इलेक्ट्रोप्लेटिंग कार्य के लिए सौंपा गया था।
उल्लेखनीय है कि सबरीमाला मंदिर से जुड़ा यह मामला राज्य में धार्मिक भावनाओं और मंदिर प्रशासन की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है, और हाईकोर्ट का यह फैसला जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

