सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की विधवा प्रिया सचदेव कपूर ने करिश्मा और संजय कपूर के बीच वर्ष 2016 में शीर्ष अदालत में हुए तलाक समझौते की प्रमाणित प्रति मांगी है। यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़ी है, जिसमें करिश्मा कपूर के बच्चे अपने पिता की वसीयत को चुनौती दे रहे हैं।
न्यायमूर्ति ए एस चंदूरकर की पीठ ने इस मामले को चेंबर में सुना और करिश्मा कपूर को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। सूत्रों के अनुसार, करिश्मा कपूर के वकीलों ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि प्रिया सचदेव कपूर 2016 के तलाक समझौते की तीसरी और असंबंधित पक्ष हैं, इसलिए उन्हें दस्तावेज मांगने का कोई अधिकार नहीं है।
करिश्मा कपूर की ओर से अधिवक्ता रवि शर्मा और अपूर्व शुक्ला ने यह भी दलील दी कि तलाक की सहमति शर्तें और डिक्री पहले से ही प्रिया सचदेव कपूर के पास मौजूद हैं।
वहीं, प्रिया सचदेव कपूर के वकील ने कहा कि ये दस्तावेज दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे संपत्ति विवाद में बेहद महत्वपूर्ण हैं, जहां वित्तीय प्रावधानों, बच्चों के भरण-पोषण और तलाक के बाद की जिम्मेदारियों जैसे मुद्दों पर बहस हो रही है। उन्होंने तर्क दिया कि इन दस्तावेजों तक पहुंच के बिना न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि संजय कपूर का निधन 12 जून 2025 को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से हो गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में करिश्मा कपूर के दो बच्चों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने पिता की 21 मार्च 2025 की वसीयत को चुनौती दी, जिसमें उनकी सारी संपत्ति उनकी दूसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर के नाम की गई है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा करिश्मा कपूर को नोटिस जारी किए जाने के साथ ही यह संपत्ति विवाद और भी पेचीदा हो गया है, जिसमें अब तलाक समझौते की भूमिका भी केंद्र में आ गई है।

