सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कलकत्ता हाईकोर्ट के नेतृत्व को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए जस्टिस सुजॉय पॉल को वहां का मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) नियुक्त करने की सिफारिश की है। 9 जनवरी, 2026 को आयोजित कॉलेजियम की बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया।
वर्तमान में जस्टिस सुजॉय पॉल कलकत्ता हाईकोर्ट में ही कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सितंबर 2025 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।
आधिकारिक सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट ने आज जारी एक बयान में इस सिफारिश की पुष्टि की है। बयान के अनुसार, “सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 09 जनवरी, 2026 को हुई अपनी बैठक में श्री जस्टिस सुजॉय पॉल, न्यायाधीश, कलकत्ता हाईकोर्ट (मूल हाईकोर्ट: मध्य प्रदेश) को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है।”
जुलाई 2025 में तेलंगाना हाईकोर्ट से स्थानांतरण के बाद से ही जस्टिस पॉल कलकत्ता हाईकोर्ट में कार्यरत हैं। यह सिफारिश अब उनके पद को स्थायी नेतृत्व में बदलने का मार्ग प्रशस्त करती है।
न्यायिक सफर और अनुभव
जस्टिस सुजॉय पॉल का न्यायिक करियर उनके मूल हाईकोर्ट, मध्य प्रदेश से शुरू हुआ। उन्होंने वर्ष 1990 में मध्य प्रदेश बार काउंसिल में एक अधिवक्ता के रूप में अपना नामांकन कराया था। अपनी वकालत के दौरान उन्होंने विभिन्न अदालतों में सिविल, संवैधानिक, औद्योगिक और सेवा कानूनों (Service Laws) के मामलों में पैरवी की।
उन्हें 27 मई, 2011 को जबलपुर में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और 14 अप्रैल, 2014 को वे स्थायी न्यायाधीश बने।
स्थानांतरण और प्रशासनिक दायित्व
जस्टिस पॉल के पास विभिन्न हाईकोर्ट्स में कार्य करने का व्यापक प्रशासनिक अनुभव है। वर्ष 2024 में, एक व्यक्तिगत अनुरोध के बाद, उनका स्थानांतरण मध्य प्रदेश से तेलंगाना हाईकोर्ट कर दिया गया था, जहां उन्होंने 26 मार्च, 2024 को न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।
तेलंगाना में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने जनवरी 2025 में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्यभार संभाला। इसके पश्चात, जुलाई 2025 में उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वे सितंबर 2025 से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की भूमिका में हैं।

