झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को पूर्व मंत्री कमलेश सिंह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर शिकायत केस को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति रोंगन मुखोपाध्याय ने कमलेश सिंह के बेटे सूर्य सोनल सिंह, बेटी अंकिता सिंह और दामाद नरेंद्र मोहन सिंह द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें केवल कमलेश सिंह का करीबी रिश्तेदार होने के कारण ईडी ने झूठा फंसाया है। उन्होंने शिकायत कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की थी।
ईडी के अनुसार, याचिकाकर्ता कमलेश सिंह द्वारा अर्जित कथित अवैध धन को सफेद करने में शामिल थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि एक ही दिन में ₹83 लाख की राशि चार बैंक खातों के माध्यम से घुमाई गई और बाद में यह राशि वापस कमलेश सिंह के खाते में पहुंचा दी गई।
ईडी ने दावा किया कि उसने धन के प्रवाह की पूरी श्रृंखला का पता लगा लिया है और विभिन्न खातों के जरिए धन के लेन-देन को मैप किया है, जो अंततः कमलेश सिंह के पास वापस पहुंचा।
इस मामले में कमलेश सिंह और उनकी पत्नी मधु सिंह पर ₹5.83 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री पर विचार करने के बाद शिकायत कार्यवाही में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।
इस आदेश के साथ ही याचिकाकर्ताओं के खिलाफ ईडी का शिकायत मामला निचली अदालत में जारी रहेगा।

