गौहाटी हाईकोर्ट ने मिजोरम की ‘जीवनरेखा’ हाईवे की मरम्मत पर मांगी प्रगति रिपोर्ट, ठेकेदार को 31 अक्तूबर तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

 गौहाटी हाईकोर्ट की आइजोल पीठ ने सैरांग–काउनपुई खंड (राष्ट्रीय राजमार्ग-306/06) की जर्जर हालत पर सख्त रुख अपनाते हुए मरम्मत कार्य कर रही कंपनी एमएसजे इन्फ्राटेक (MSJ Infratech) को निर्देश दिया है कि वह 31 अक्तूबर तक मरम्मत कार्य की प्रगति और पूर्णता का विस्तृत ब्योरा हलफनामे के रूप में अदालत में पेश करे।

यह आदेश दो-न्यायाधीशों की पीठ ने मिजोरम ट्रक ड्राइवर एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को दिया। याचिका में कहा गया था कि हाईवे की अत्यंत खराब हालत लंबे समय से ट्रक चालकों, परिवहन व्यवसायियों और आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है।

पीठ ने चेतावनी दी कि यदि ठेकेदार तय समय तक हलफनामा दाखिल नहीं करता, तो राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारीगण को 6 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा।

यह PIL जुलाई में दायर की गई थी, जिसमें बताया गया था कि मानसून के दौरान इस मार्ग की हालत और भी खराब हो जाती है, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

NH-306, जिसे कुछ हिस्सों में NH-06 भी कहा जाता है, मिजोरम की आपूर्ति व्यवस्था की “जीवनरेखा” मानी जाती है, क्योंकि राज्य की अधिकांश आवश्यक वस्तुएं और सामान इसी मार्ग से अन्य राज्यों से आते हैं।

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अदालत के इस निर्देश से अब ठेकेदार और संबंधित सरकारी एजेंसी, दोनों की जवाबदेही तय हो गई है और उम्मीद की जा रही है कि इस अहम मार्ग की मरम्मत जल्द पूरी होगी।

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