दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) को निर्देश दिया कि वे भाजपा के राष्ट्रीय सचिव दुष्यंत कुमार गौतम को 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले सभी सोशल मीडिया पोस्ट 24 घंटे के भीतर हटा लें।
न्यायमूर्ति मीनू पुष्कर्णा की एकल पीठ ने गौतम द्वारा दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के साथ-साथ अन्य व्यक्तियों और संगठनों—जैसे उर्मिला सनावर और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी—को भी भाजपा नेता को “VIP” करार देते हुए कोई भी नया या और कंटेंट प्रकाशित करने से रोक दिया है।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता (गौतम) ने प्रथम दृष्टया अपने पक्ष में मामला बनाकर दिखाया है और अगर सोशल मीडिया पर इस तरह की “अपमानजनक व झूठी” सामग्री को हटाया नहीं गया तो इससे उन्हें अपूरणीय क्षति हो सकती है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर राजनीतिक दल 24 घंटे के भीतर संबंधित कंटेंट नहीं हटाते हैं, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नियमों के अनुसार वह सामग्री हटानी होगी।
यह मामला हाल ही में वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप से जुड़ा है, जिसे अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला सनावर ने जारी किया था। सनावर, जो खुद को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं, ने क्लिप में कथित तौर पर एक “VIP” का ज़िक्र किया था, जो अंकिता हत्याकांड से जुड़ा बताया गया।
2022 में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या वानतारा रिसॉर्ट (पौड़ी, उत्तराखंड) में हुई थी, जहां वह रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य—जो एक पूर्व भाजपा नेता के बेटे हैं—सहित दो कर्मचारियों को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी।
दुष्यंत गौतम ने अदालत में कहा कि उन्हें राजनीतिक उद्देश्य से बदनाम किया जा रहा है और उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।
अदालत ने अगली सुनवाई तक इन आदेशों को अंतरिम रूप से प्रभावी रखने का निर्देश दिया है।

