दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के. फैजी को जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने आदेश सुनाया। विस्तृत आदेश की प्रति अभी उपलब्ध नहीं है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फैजी को पिछले वर्ष मार्च में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में की गई थी। निचली अदालत ने अगस्त 2025 में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
ईडी का आरोप है कि एसडीपीआई, पीएफआई का “राजनीतिक मोर्चा” के रूप में कार्य कर रही थी और पीएफआई से एसडीपीआई को धन हस्तांतरित किया गया। केंद्र सरकार ने सितंबर 2022 में पीएफआई को “गैरकानूनी संगठन” घोषित करते हुए प्रतिबंधित कर दिया था।
यह मामला पीएफआई के खिलाफ की गई व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है, जिसके तहत प्रतिबंध से पहले ईडी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और विभिन्न राज्य पुलिस बलों ने एक साथ छापेमारी और प्रवर्तन कार्रवाई की थी।
हाईकोर्ट ने किन आधारों पर जमानत दी, इसका विस्तृत विवरण लिखित आदेश आने के बाद स्पष्ट होगा।

