छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस स्टेशनों के लिए प्रमुख दिशानिर्देश जारी किए, डीजीपी को सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया

छत्तीसगढ़ पुलिस पर उत्पीड़न के आरोपों के जवाब में, एक याचिकाकर्ता ने कोरबा जिले के कोटरा पुलिस स्टेशन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की। याचिकाकर्ता शशि भूषण ने अपनी पत्नी का प्रतिनिधित्व करते हुए पुलिस पर उत्पीड़न, झूठा मामला गढ़ने और 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने न सिर्फ जमानत दी बल्कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरे लगाना सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया.

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याचिकाकर्ता ने पुलिस पर गंभीर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था, जिसमें मांगी गई रिश्वत देने से इनकार करने पर हिरासत में लिया जाना, शारीरिक रूप से हमला करना और लॉकअप में कपड़े उतारना शामिल था। इसके अलावा, पुलिस ने उसके खिलाफ एक इंजीनियरिंग कॉलेज में अंतिम परीक्षा के दौरान एनटीपीसी में नौकरी दिलाने के बहाने 50,000 रुपये की रिश्वत लेकर लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था।

अदालती कार्यवाही के दौरान, पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों का विरोध किया गया, जिसके परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता को जमानत दे दी गई। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने सभी पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी सिस्टम लगाने का आदेश दिया, जिसमें जिला एसपी को उनकी नियमित निगरानी और संचालन का काम सौंपा गया।

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