भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए राज्य सरकार की पूर्व सहमति की आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति सी.टी. रविकुमार और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल द्वारा दिए गए इस फैसले का
