कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट को निर्देश दिया कि वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक असित मजूमदार को उनके खिलाफ दर्ज किसी भी लंबित आपराधिक मामले की स्पष्ट जानकारी प्रदान करे। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने चंदननगर के पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि वह एक सप्ताह के भीतर पूर्व विधायक को उनके विरुद्ध चल रहे आपराधिक मुकदमों की एक व्यापक सूची उपलब्ध कराएं।
नए मुकदमों में फंसाए जाने की आशंका
अदालत में असित मजूमदार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने यह आशंका व्यक्त की कि चुंचुरा के पूर्व विधायक को जमानत मिलने के बाद पुलिस द्वारा अन्य मामलों में नामजद किया जा सकता है। अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि मजूमदार को 21 जुलाई को पुलिस हिरासत में लिया गया था, लेकिन उसी दिन हुगली जिले की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।
जमीन कब्जे के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
पूर्व विधायक की गिरफ्तारी उनकी एक पड़ोसन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मजूमदार ने उनकी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। जमानत पर रिहाई के बाद से ही बचाव पक्ष को अतिरिक्त आपराधिक मामले लादे जाने का अंदेशा है।
सीबीआई की ओर से मिली राहत और राजनीतिक पृष्ठभूमि
हाईकोर्ट के पूर्व में दिए गए निर्देश के अनुपालन में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसके पास पूर्व नेता के खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की ओर से टिकट न मिलने के बाद मजूमदार ने चुनाव नहीं लड़ा था।

