भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में मध्यस्थकर्ताओं के शुल्क निर्धारण के संबंध में कानूनी स्थिति को स्पष्ट किया है। यह निर्णय ओइल एंड नैचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड बनाम अफकॉनस गुनेनुसा जेवी (मध्यस्थता याचिका (सिविल) संख्या 05 / 2022) के मामले में दिया गया। न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति सुर्यकांत
