आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में व्यवस्था दी है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ नियमित विभागीय जांच (Departmental Enquiry) शुरू करने का आधार ‘प्रारंभिक जांच रिपोर्ट’ (Preliminary Inquiry Report) है, तो आरोपी कर्मचारी को उस रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध न कराना पूरी अनुशासनात्मक कार्यवाही को दूषित कर देता है। जस्टिस चीकती मानवेंद्रनाथ
