अभय चौटाला की ‘Z-प्लस’ सुरक्षा की मांग पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के प्रमुख नेता अभय सिंह चौटाला द्वारा दायर एक याचिका पर कड़ा संज्ञान लिया है। इस याचिका में चौटाला ने अपनी सुरक्षा को ‘Y-प्लस’ से बढ़ाकर ‘Z-प्लस’ या ‘Z-श्रेणी’ करने की मांग की है। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भारत संघ (केंद्र सरकार) और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

याचिकाकर्ता के वकील संदीप गोयत ने अदालत में दलील दी कि अभय चौटाला को वर्तमान में मिली ‘Y-प्लस’ सुरक्षा उनकी जान पर मंडरा रहे खतरों को देखते हुए अपर्याप्त है। पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल के पोते होने के नाते और एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति के रूप में, उन्हें न केवल हरियाणा में बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में राजनीतिक दौरों के दौरान भी पुख्ता सुरक्षा की आवश्यकता है।

वकील ने कोर्ट को बताया कि सुरक्षा बढ़ाने को लेकर पहले भी केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी निष्क्रियता के चलते उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

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याचिका में उन गंभीर घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया गया है जिनके कारण सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है। वकील गोयत ने बताया कि जुलाई महीने में अभय चौटाला को सीधे तौर पर धमकियां मिली थीं। उनके बेटे करण चौटाला को व्हाट्सएप पर एक वॉइस नोट के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई थी, और इसी तरह की एक कॉल उनके निजी सहायक (PA) को भी आई थी।

इस संबंध में करण चौटाला ने चंडीगढ़ पुलिस में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी।

इसके अलावा, याचिका में आईएनएलडी के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी और एक अन्य पार्टी नेता की हाल ही में हुई नृशंस हत्याओं का भी उल्लेख किया गया है। कोर्ट को बताया गया कि इन हत्याओं और अभय चौटाला को मिल रही धमकियों में अब तक कोई गिरफ्तारी न होने से खतरे की आशंका और बढ़ गई है।

मामले की प्रारंभिक दलीलों को सुनने के बाद, हाईकोर्ट की बेंच ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को निर्धारित की गई है, जहां सरकार को सुरक्षा मूल्यांकन पर अपना जवाब दाखिल करना होगा।

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