तनीष्क और अधिकृत डीलर को 47,500 रुपये चुकाने का आदेश, ढीले लॉक के कारण हीरा जड़ा सोने का ईयररिंग खोने पर उपभोक्ता को मिली राहत

हरियाणा के गुरुग्राम जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने तनीष्क-टाइटन कंपनी लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए एक उपभोक्ता को कुल 47,500 रुपये देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि सोने और हीरे के ईयररिंग के लॉक में मौजूद निर्माण संबंधी दोष के कारण एक ईयररिंग गिरकर खो गया।

आयोग ने कंपनी और उसके अधिकृत डीलर को संयुक्त रूप से 21,500 रुपये खोए हुए ईयररिंग की कीमत, 15,000 रुपये मानसिक उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में तथा 11,000 रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करने का निर्देश दिया। यह राशि 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश का पालन नहीं होने पर शिकायतकर्ता निष्पादन याचिका दायर कर सकती है।

आयोग ने लॉक में निर्माण संबंधी दोष पाया

16 जुलाई को पारित आदेश में आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल तथा सदस्य ज्योति सिवाच और खुशविंदर कौर ने कहा कि शिकायतकर्ता को उचित सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे विपक्षी पक्षों की ओर से गंभीर सेवा में कमी साबित होती है।

आदेश में आयोग ने कहा, “हमारा यह स्पष्ट मत है कि विपक्षी पक्ष संख्या 1 और 2 शिकायतकर्ता को उचित सेवाएं उपलब्ध कराने में विफल रहे, जिसके कारण उनकी ओर से सेवा में गंभीर कमी हुई।”

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रक्षाबंधन के अगले दिन खो गया था एक ईयररिंग

शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 27 जुलाई 2022 को तनीष्क के शोरूम से 43,355 रुपये में सोने और हीरे के ईयररिंग की एक जोड़ी खरीदी थी। 11 अगस्त 2022 को रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने यह ईयररिंग अपनी बेटी को उपहार में दिए।

अगले ही दिन एक ईयररिंग गिरकर खो गया। जब दूसरे ईयररिंग की जांच की गई तो उसका लॉक ढीला पाया गया और वह ठीक से काम नहीं कर रहा था।

इसके बाद 19 अगस्त 2022 को शिकायतकर्ता शोरूम पहुंचीं। शेष बचे ईयररिंग को जांच के लिए निर्माता के पास भेजा गया, लेकिन एक महीने से अधिक समय बाद यह कहते हुए वापस कर दिया गया कि इस समस्या को ठीक नहीं किया जा सकता। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि लॉक में मौजूद दोष के कारण ही ईयररिंग खोया और इसके लिए मुआवजे की मांग की।

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कंपनी ने लापरवाही का दावा किया

तनीष्क और उसके अधिकृत डीलर ने शिकायत का विरोध करते हुए कहा कि निर्माण संबंधी दोष का आरोप मनगढ़ंत है। उनका तर्क था कि ईयररिंग शिकायतकर्ता की बेटी की लापरवाही से खोया और इसके लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है।

हालांकि आयोग ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

महिला सदस्यों ने स्वयं जांचा ईयररिंग का लॉक

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने आयोग से अनुरोध किया कि शेष बचे ईयररिंग की जांच स्वयं की जाए। इसके बाद आयोग की दोनों महिला सदस्यों ने ईयररिंग का भौतिक परीक्षण किया।

जांच में पाया गया कि उसका लॉक काफी ढीला था और सामान्य उपयोग के दौरान खुल सकता था। आयोग ने इसे निर्माण संबंधी दोष मानते हुए कहा कि यही शिकायतकर्ता के दावे की पुष्टि करता है।

आदेश में कहा गया, “आयोग की दोनों महिला सदस्यों ने शेष बचे ईयररिंग की जांच की और पाया कि उसका लॉक काफी ढीला था। पूरी संभावना थी कि यह उपयोग के दौरान खुल सकता था क्योंकि इसकी पकड़ अपेक्षित स्तर तक मजबूत नहीं थी। इससे बिना किसी संदेह के शिकायतकर्ता का यह मामला स्थापित होता है कि संबंधित ईयररिंग लॉक में मौजूद निर्माण संबंधी दोष के कारण ही खो गया।”

45 दिनों में भुगतान का निर्देश

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आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए तनीष्क-टाइटन कंपनी लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को संयुक्त रूप से 21,500 रुपये खोए हुए ईयररिंग की कीमत, 15,000 रुपये मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजा और 11,000 रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करने का निर्देश दिया।

साथ ही आयोग ने कहा कि आदेश की तारीख से 45 दिनों के भीतर भुगतान किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो शिकायतकर्ता आदेश के क्रियान्वयन के लिए निष्पादन याचिका दायर करने की हकदार होगी।

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